ज्योतिषीय सेवाएं :

सबसे पहले जन्मकुंडली का अध्ययन किया जाता है , जिसका हमारे पास रिकॉर्ड रखा जाता है .जन्मकुंडली का एनालिसिस करने के बाद जो वर्तमान समय चल रहा है उसका वर्णन दिया जाता है , साथ ही एक रजिस्ट्रेशन नंबर दिया जाता है ,उसके बाद जन्मकुंडली के लग्न,राशि ,महादशा एवं नक्षत्रों के योगों की स्थिति के अनुसार नवग्रह शांति अनुष्ठानम के लिए मुहुर्त निर्धारित किया जाता है .

नवग्रह वैदिक अनुष्ठानम :

  • नवग्रह शांति अनुष्ठानम - मन: शांति के लिए ,आत्मबल ओर एकाग्रता के लिए
  • नवग्रह शांति प्रयोगम - शिक्षा ,सफलता,कार्यक्षेत्रउन्नति अनुकूलता ,विघ्न शांति के लिए
  • मंगल रुद्रम नवग्रह शांति - व्यापार ,व्यवसाय ,जमीन ,जायदाद सभी प्रकार के व्यापारिक विघ्नों के शांति
  • नवग्रह अक्षत कुंडली अनुष्ठानम ,बृहस्पति प्रयोगम - वैवाहिक ,संतान एवं पारिवारिक विघ्न शांति
  • नवग्रह रुद्रम ,महामृत्युंजय मन्त्र जपानुष्ठानं - बीमारी,आयु ,आरोग्यता ,शारीरिक पीढ़ा
  • शत्रु, केसेस ,कोर्ट ,असफलता नवग्रह - शांति अनुष्ठानम ,रुद्राभिषेकम
  • नवग्रह वैदिक शांति अनुष्ठानम ,अष्टोत्तरी पाठम - सुख ,समृद्धि ,आयु आरोग्यता ,मंगल कार्य संपादन
  • मंगल शांति प्रयोगम -मंगल रुद्रम
  • रुद्राभिषेकम सहित मन्त्र जाप अनुष्ठानम - महामृत्युंजय
  • सूर्य शांति प्रयोगम - सूर्य याग
  • सुदर्शनम याग अनुष्ठानम - सुदर्शन याग
  • नवग्रह पञ्च ग्रही जाप अनुष्ठान ( राहु केतु के मध्य आने वाले ग्रहों की शांति ) - कालसर्प योग शांति
  • अभिषेकात्मक,होमात्मक सर्व प्रकार: - रुद्रभिषेकम ,लघु रुद्रा ,अति रुद्रा ,महारुद्रा
  • श्रीवृद्धि प्रयोगम ( इंडस्ट्री, उद्धोग, व्यापार व्यवसाय ) - लक्ष्मीनारायण याग
  • भारतीय वैदिक ज्योतिषशास्त्र के अनुसार जन्मकुण्डली भविष्य देखने के लिये बनायी गयी है। और इसका उपयोग मार्गदर्शक कार्ड के रुप में किया जाता है जो नवग्रह वैदिक अनुष्ठान ग्रहो के नकारात्मक असर को संतुष्ट करता है और ग्रहों के सकारात्मक असर को बढाता है जो जन्मकुण्डली में उपस्थित योग के परिणाम को प्राप्त करना है।

    वैदिक मंत्र में शक्तिशाली विशिष्ट आवाज की तंरगे है जो विभिन्न मंत्रो में सकारात्मक असर डालती है जिसके द्वारा आशाएं इच्छाए पूर्ण की जाती है। यजुर्वेदीय एवं अथर्व वेदीय यही एक कारण है कि जहाँ बहुत तरह के यजुर्वेदीय एवं अथर्व वेद के अनुष्ठान की सिफारिश करते है। उदाहरण के लिए नीचे दिये गये कुछ वैदिक अनुष्ठान :-

    1. व्यापार वृध्दि अनुष्ठान
    2. पुष्कल धन प्राप्ति अनुष्ठान।
    3. राज्य सेवायाम नियुक्ति एवं निरंतरता प्राप्ति अनुष्ठान
    4. रक्षा कवच अनुष्ठान
    5. ओजो बलम अनुष्ठान
    6. धन प्रपर्ण नाम (शेयर) लाभ प्राप्ति अनुष्ठान
    7. नवग्रह अक्षत कुण्डली अनुष्ठान

    ये वैदिक अनुष्ठान विस्त्रत जन्मकुण्डली पर आधारित है जो एक दिन में 4 से 5 घंटे के समय में उज्जैन में किये जाते है।

    जन्मकुंडली अनुसन्धान -- पूर्ण जन्म विवरण के साथ, दिनांक, समय (am/pm) एवं जन्म स्थान

    Three consultation in one year@1000/RS Only on E-Mail

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