|| सूर्य संसार की आत्मा है ||
: वेद सत्य स्वयं ओंकार सर्वेश्वर

पंडित विजय रावल श्री सिध्दवट तीर्थ उज्जैन के तीर्थ पुरोहित है। उज्जैन भारत का एक बहुत ही प्राचीन पौराणिक शहर है। जो कि पवित्र नदी क्षिप्रा के किनारे बसा है। जो कि प्रसिध्द हैं महाकालेश्वर के लिये जो भारत के बारह ज्योतिर्लिगो में से एक है।

पंडित विजय रावल को विभिन्न प्रकार के पूजा अनुष्ठान योग का 30 साल का अनुभव हैं एवं वें इस विषय के श्रेष्ठ ज्ञाता हैं।

इन्होंने बचपन में ही ज्योतिष व कर्मकांड की शिक्षा अपने महान नानाजी ’’स्वर्गीय श्री पंडित बालमुकुन्द मेहता’’ व ’’स्वर्गीय श्री पंडित छगनगुरु मेहता से सीखी हैं। जो पिछले ८० वर्षों से उज्जैन के केदारेश्वर सिध्दवट तीर्थ के विश्वप्रसिध्द पुरोहित रहे है।

शिक्षित एवं विज्ञान में स्नातक पंडित श्री विजय रावल जो की हजारों वेदिक पूजा / अनुष्ठान / यज्ञ पूर्ण कर चुके है | विश्वभर से हजारों भक्त हमारे नवग्रह अक्षत कुंडली अनुष्ठान का लाभ प्राप्त कर चुके हैं |

“नवग्रह अक्षत कुंडली अनुष्ठान”

यह एक विशेष प्रकार का अनुष्ठान है जो जन्मकुंडली पर आधारित है जो जन्मकुंडली मैं पाए जाने वाले दोषों को दूर करने के लिए किया जाता है | इस अनुष्ठान को जन्मकुंडली के आधार पर विशेष मुहूर्त में स्वास्थ्य, धन, समृद्धि, शांति और पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए आयोजित किया जाता है |